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अंडिका बाग किसान मजदूर पंचायत में भरी हूंकार पूर्वांचल में एक इंच जमीन नहीं देगा किसान

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अंडिका बाग किसान मजदूर पंचायत में भरी हूंकार पूर्वांचल में एक इंच जमीन नहीं देगा किसान

अंडिका बाग किसान मजदूर पंचायत में भरी हूंकार पूर्वांचल में एक इंच जमीन नहीं देगा किसान

जमीन लूटने की यह साजिश कोरोना महामारी से कम नहीं, इसने किसानों मजदूरों की रातों की नींद दिन का सुकून छीन लिया है
अंडिका बाग, फूलपुर आजमगढ़ 29 अप्रैल 2023. पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किनारे अंडिका बाग में हुई किसान मजदूर पंचायत में दर्जनों गांवों के ग्रामीण पहुंचे. पंचायत में पहुंचे सूबे के दिग्गज किसान नेताओं ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किसानों मजदूरों के साथ पूरा देश खड़ा है. पंचायत में खिरिया बाग के आंदोलनकारी भी पहुंचे.
जन आंदोलन के राष्ट्रीय समन्वय की राष्ट्रीय समन्वयक अरुंधती धुरू ने कहा कि जमीन का सवाल जीवन का सवाल है. आजमगढ़ में चल रहे अंडिका बाग और खिरिया बाग आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी जमीन की लड़ाई जीतने का ऐलान है. 
मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित समाजसेवी डाक्टर संदीप पाण्डेय ने कहा कि विकास वह नहीं होता जो विनाश करे. औद्योगिक क्षेत्र के नाम पर जिन जमीनों को सरकार छीन रही है क्या ये जमीनें जितना रोजगार दे रही हैं उतना कोई कारखाना देगा. ये फैक्ट्रियां सिर्फ गावों को उजाड़ेंगी ही नहीं आस पास के गावों की खेती किसानी के सामने दिक्कत खड़ी होगी जब जल का दोहन होगा तो जल स्तर नीचे जाएगा. पेप्सी की कई कंपनियों के खिलाफ जनता ने लड़ा तो बनी बनाई कंपनियां बंद हो गई. पेट्रोल डीजल का सीमित भंडार है. पूर्वांचल एक्सप्रेस वे समेत देश के तमाम एक्स्प्रेस वे बिना काम के हो जाएंगे जब पेट्रोलियम पदार्थ खत्म हो जाएगा. आजमगढ़ में एयरपोर्ट तो कहीं औद्योगिक पार्क या क्षेत्र के नाम पर किसानों की जमीन लेने वाली सरकार बताए कि कृषि भूमि का क्या विकल्प है. जमीन नहीं रहेगी तो अनाज क्या फैक्ट्रियों में बनेगा.
इलाहाबाद से आए अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के अध्यक्ष राम कैलाश कुशवाहा ने कहा कि जमीनें छीनकर किसानों मजदूरों को बरबाद करने की नीतियों को सरकार अपनी उपलब्धि बता रही है. जमीनों को लूटकर कारपोरेट को मालामाल किया जा रहा. आम आदमी का जीवन यापन दूभर हो गया है. शिक्षा, चिकित्सा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को सरकार पूरा नहीं कर पा रही है और विकास के नाम पर जो बची खुची जमीनें हैं उनको छीनने की कोशिश की जा रही. 
महिला अधिकार कार्यकर्ता ऋतु ने कहा कि सरकार की जन विरोधी नीतियों के चलते आज इस तप तपाती गर्मी में बूढ़ी दादी नानी को इस अंडिका बाग में बैठना पड़ रहा. आपके संघर्ष के आगे सरकार को झुकना होगा और आपकी जमीन आपकी ही रहेगी.
पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव विरेंद्र यादव ने कहा कि पंचायत का निर्णय है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किनारे औद्योगिक क्षेत्र या पार्क के नाम पर किए गए सर्वे को रद्द किया जाए, क्योंकि किसान मजदूर जमीन मकान नहीं देंगे. जब फूलपुर एसडीएम को मालूम नहीं कि कोई सर्वे हुआ तो ऐसे में गैरकानूनी सर्वे करने वालों पर कार्रवाई की जाए. अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के नाम पर किसानों मजदूरों की जमीन छीनने वाली परियोजना को रद्द करने का लिखित शासनादेश दिया जाए. किसी भी परियोजना के लिए सर्वे करने से पहले प्रशासन गांव वालों से वार्ता कर सहमति ले, क्योंकि की इस तरह से औचक सर्वे या अखबारों में जमीन लेने की खबरों से ग्रामीण सदमे में चले जा रहे हैं. पूर्वांचल एक्स्प्रेस वे में गई बहुत से किसानों की जमीनों को अब तक मुआवजा नहीं मिला उन्हें तत्काल मुआवजा दिया जाए. ग्राम सभा की जिन जमीनों का अधिग्रहण किया गया उन जमीनों का मुआवजा दिया जाए जिसे ग्राम सभा अपने विकास कार्य में उपयोग करे. पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किनारे के आजमगढ़ और सुलतानपुर के हर गांव में किसान संवाद यात्रा के जरिए सभी गावों को एक जुट किया जाएगा.
किसान नेता राजीव यादव ने कहा कि यह खेती किसानी जवानी बचाने की लड़ाई है. पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे तक के गांव खतरे में हैं. जमीन लूटने की यह साजिश कोरोना महामारी से कम नहीं, इसने किसानों मजदूरों की रातों की नींद, दिन का सुकून छीन लिया है. सरकार यह मुगालता छोड़ दे कि जिस तरीके से पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए जमीनें ले ली उसी तरह से औद्योगिक पार्क और क्षेत्र के नाम पर जमीन ले लेगी. सरकार को याद रखना चाहिए कि देश के ऐतिहासिक किसान आंदोलन के बाद पूरे देश के किसान संगठन एकजुट हैं किसानों मजदूरों के साथ हैं. उद्योग के नाम पर रोजगार का छलावा देना छोड़ दे. एक भी आदमी को एक्सप्रेस वे रोजगार नहीं दे सका. ऊपर से जिन खेतों खलिहानों में उसके बाप दादा ने जिंदगी गुजारी उस एक्सप्रेस वे पर जाने पर उसको रुपया देना पड़ता है, यह कौन सा विकास है. एक बार पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किनारे का किसान मजदूर ठगा जा चुका, बार बार नहीं ठगा जाएगा. 
किसान मजदूर पंचायत को पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव विरेंद्र यादव, किसान नेता राजीव यादव, खिरिया बाग से आईं किस्मती, नीलम, मीना, सामाजिक न्याय मंच के राजेंद्र यादव, सुंदर मौर्या, पूर्वांचल किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष प्रेम चंद्र, रविंद्र यादव, निशांत राज, जयप्रकाश, सुनील पंडित, रामाश्रय पाल, नंदलाल यादव, विजय यादव, रामचंद्र यादव, सीताराम यादव, अहद, जगतगुरु ने संबोधित किया.
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